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Monday, November 21, 2016

शेर.....

1.
हाथ जख्मी हुए कुछ अपनी भी गलती थी..
लकीरों को मिटाने चले थे उन्हें पाने के लिए..

2.
सुने जाते न थे तुम से मिरे दिन रात के शिकवे
कफ़न सरकाओ मेरी बे-ज़बानी देखते जाओ
- फ़ानी बदायुनी

3.
एक ही चोखट पर सिर झुकें तो सुकून मिलता है..
भटक जाते है वो लोग जिनके हज़ारों खुदा होते है..
नामालूम

4.
अजीब दर्द का रिश्ता है सारी दुनिया में
कहीं हो जलता मकाँ अपना घर लगे है मुझे
- मलिकज़ादा मंज़ूर

5.
अपनी रूह के छालों का कुछ हिसाब करूँ
मैं चाहता था चरागों को आफताब करूँ

Wednesday, July 20, 2016

निगाहे-लुत्फ

निगाहे-कहर के मारे जब इतने खुश है तो फिर,
निगाहे-लुत्फ के मारों का हाल क्या होगा...,,,,,?

रिश्वतों

चल रहें हैं ज़माने भर में रिश्वतों के सिलसिले...!!
कुछ तुम भी ले दे कर हमसे मोहब्बत कर लो...!!

धड़कन

वो मेरे दिल पर सिर रखकर सोई थी बेखबर;
हमने धड़कन ही रोक ली.......... कि कहीं
उसकी नींद ना टूट जाए।

Thursday, March 17, 2016

गुलाबी

बाज़ार के रंगों से रंगने की मुझे जरुरत
नही,
किसी की याद आते ही ये चेहरा गुलाबी हो जाता है..

Sunday, March 13, 2016

 दिल

लोगों मै और हम मे बस इतना फर्क है की लौग
दिल को दर्द देते है,
और हम दर्द देने वाले को दिल देते है...

Sunday, March 6, 2016

सांसों की वसीयत

तुमने आँखों से मेरी आँखों पर दस्तखत क्या किये....

हमने हमारी सांसों की वसीयत तुम्हारे  नाम करदी

Friday, March 4, 2016

मोहब्बत

मोहब्बत जिंदगी बदल देती है
मिल जाए तो भी
ओर ना मिले तो भी.

Monday, February 29, 2016

माँगना भूल न जाऊँ तुम्हें हर नमाज़ के बाद,
इसलिये मैंने तुम्हारा नाम दुआ रख दिया !!

��मेरे अंदर कोई नन्हा सा परिंदा, इक मुहब्बत की फ़ज़ा चाहता है...!!!

Thursday, February 25, 2016

इश्क.......

हम दोनों ही डरते थे
एक दुसरे से बात करने में....
मुझे इश्क था इसलिए....
और उसे....
इश्क ना हो जाए इसलिए.

यादे....

वो मिलते है आज भी तो पूछते है…
हम ज्यादा सताते थे या यादे हमारी

Monday, February 22, 2016

तेरी

कोई फ़ूल जैसे किताब में रखे हुए है,
हमनें तेरी ख़ुशबू को लहज़े में समा रखा है...!!!

मेरी ज़िन्दगी में खुशियाँ तेरे बहाने से है,
आधी तुझे सताने से है,
आधी तुझे मनाने से है..

प्यार...

प्यार आज भी तुझसे इतना ही है …
बस  तुझे एहसास नही और हमने जताना ही छोड़ दिया

प्यार आज भी तुझसे इतना ही है …
बस  तुझे एहसास नही और हमने जताना ही छोड़ दिया

जिद गजब की हैं...

हम उनको मनाने जायेंगे उनकी उम्मीद गजब की है..
वे खुद चलकर आयेंगे हमारी भी जिद गजब की हैं..

Tuesday, February 16, 2016

चुप हैं किसी सब्र से तो पत्थर न समझ हमें...
दिल पे असर हुआ है तेरी हर एक बात का...

Saturday, February 13, 2016

मगर तुम साथ हो

कुछ खाश नहीं ईन हाथो की
लकीरो मे...

मगर तुम साथ हो तो ईन हाथो मे...
एक लकीर ही काफी है.!!

मोहब्बत

उसको नही थी,
तो नही थी,

मगर जो मुझे होने लगी थी,
वो मोहब्बत 🏻झूठी नही थी |